Holi par essay in hindi – होली पर एस्से इन हिंदी

Holi par essay in hindi नमस्कार दोस्तों आप सभी का मेरे इस ब्लॉग  shindigpeople में स्वागत है और हम आज आपके लिए  hindi mein holi par niband लेके आए है जिसे आप अपने स्कूल होम वर्क यह holi ka nibandh in hindi में लिख सकते है।

Holi par essay in hindi - होली पर एस्से इन हिंदी
Holi par essay in hindi – होली पर एस्से इन हिंदी

Holi par essay in hindi

होली भूमिका – भारत त्योहारों एवं पर्वों का देश है । हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं , जिनमें दीपावली , रक्षाबंधन , ईद , बैसाखी , ओणम , दुर्गा पूजा , दशहरा , होली आदि प्रमुख हैं । इनमें से होली का त्योहार अपनी मस्ती , उल्लास तथा उमंग के लिए विशेष रूप से जाना जाता है ।

होली मनाने का समय – यह त्योहार सर्दियों के समापन तथा ग्रीष्म ऋतु के आगमन के समय मनाया जाता है । इस समय बसंत का मौसम होता है । चारों ओर खिले रंग – बिरंगे फूलों तथा हरी – भरी एवं पकने को तैयार फसलों को देखकर मन उत्साह से भर जाता है । भारतीय पंचांग के अनुसार यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है ।

होली मनाने का कारण- प्राचीन समय में हिरण्यकश्यप नामक राजा ईश्वर को नहीं मानता था । लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद ईश्वर का परम भक्त था । हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को ईश्वर से विमुख करने के कई प्रयास किए और सफलता न मिलने पर उसे अनेक प्रकार से मारने का प्रयत्न भी किया ।

प्रह्लाद की बुआ होलिका को अग्नि में न जलने का वरदान प्राप्त था । उसने होलिका को प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने के लिए कहा । दैवीय चमत्कार के कारण होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गया । तब से हर साल यह त्योहार उसी की याद में मनाया जाता है ।

मनाने का तरीका – होली मनाने के लिए लोग वसंतपंचमी के दिन से ही निश्चित स्थान पर लकड़ियाँ , उपले तथा झाड़ आदि एकत्र कर देते हैं । होलिका दहन के दिन शाम को इसे जलाते हैं । कुछ लोग जौ तथा गेहूँ जैसी फसलों का छोटा – सा बंडल बनाकर और होलिका की अग्नि में भूनकर घर लाते हैं ।

लोग समूहों में होली गीत – चैता , फाग आदि गाते हैं । अगले दिन प्रात : काल से ही बच्चे रंगभरी पिचकारियाँ लेकर निकल पड़ते हैं और एक – दूसरे को रंगों से सराबोर कर देते हैं । बड़े लोग एक – दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ देते हैं और तरह – तरह के पकवान , जैसे गुझिया आदि खाते हैं ।

उपसंहार- मस्ती और आनंद से भरपूर इस त्योहार को हमें खुशी एवं उल्लास के साथ मनाना चाहिए । किसी के चेहरे पर ग्रीस , पेंट या रासायनिक पदार्थ युक्त रंग मलकर होली के रंग में भंग नहीं डालना चाहिए , जिससे प्रेम – सद्भाव और उल्लास में कमी न आने पाए । प्रेम तथा मिलन का यह त्योहार घर – घर में खुशी – खुशी मनाया जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *