Mere jeevan ka lakshya par nibandh | मेरे जीवन का लक्ष्य पर निबंध

Mere jeevan ka lakshya par nibandh मित्रों में प्रायः एक प्रश्न उठता रहता है कि तुम क्या बनोगे ? कोई डॉक्टर बनना चाहता है , तो कोई इंजीनियर । किसी के माता – पिता उसे सी . ए . बनाना चाहते हैं तो कोई अपने बच्चों को अध्यापन या पत्रकारिता में भेजना चाहते हैं । लेकिन हर किसी के jivan ka lakshya अलग है इसलिए में mere jeevan ka lakshya par nibandh शेयर करने जा रहा हु।

Mere jeevan ka lakshya par nibandh | मेरे जीवन का लक्ष्य पर निबंध

 मेरे जीवन का लक्ष्य पर निबंध (Mere jeevan ka lakshya par nibandh)

मेरी महत्त्वाकांक्षा- मेरी महत्त्वाकांक्षा या मेरे जीवन का लक्ष्य है कि मैं एक सैनिक के रूप में देश की सेवा करूँ । मैं समझता हूँ कि जिस देश की मिट्टी ने हमें पाला – पोसा है , उसकी रक्षा करना हमारा परम कर्त्तव्य है । इसलिए मैं सेना में जाना चाहता हूँ ।

सैनिक का आकर्षक व्यक्तित्व- अनुशासन मुझे अत्यंत प्रिय है और भारतीय सेनाएँ अपने अनुशासन के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं । मैं जब कभी किसी सैनिक को चुस्त तथा आकर्षक यूनीफॉर्म में देखता हूँ तो मेरा हृदय गर्व से फूल उठता है ।

सेना की बहादुरी , कर्त्तव्यपरायणता तथा परिश्रम के किस्से मुझे प्रेरणा देते हैं ।

 सैनिकों के कर्त्तव्य- मेरे इस लक्ष्य की जानकारी मेरे ता – पिता को भी है । हालाँकि इकलौता बेटा होने के कारण माँ पहले मेरे विचार से सहमत नहीं थीं । लेकिन मैंने उन्हें बताया कि सैनिक केवल युद्ध ही नहीं लड़ते हैं ।

बल्कि देश के अंदर अशांति , अकाल , बाढ़ , महामारी , तूफान , दुर्घटना आदि स्थितियों में भी सहायता करते हैं । मेरे पिताजी ने भी माँ को समझाया जिससे वे मान गईं ।

लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रयास – अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मैं केवल पाठ्यक्रम की पुस्तकों से ही नहीं , बल्कि अन्य पुस्तकों से भी अध्ययन करता हूँ । मैं अपना सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहता हूँ ।

मैंने अभी से कठिन परिश्रम तथा अनुशासन की आदत डाल ली है, क्योंकि मैं जानता हूँ कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है ।

उपसंहार- भगवान ने हमें पृथ्वी पर किसी – न – किसी उद्देश्य से भेजा है । बिना लक्ष्य के जीवन व्यर्थ है । निरुद्देश्य जीवन यात्रा अपने तथा भगवान के प्रति विश्वासघात है ।

निरुद्देश्य भटकने वाला कभी मंजिल तक पहुँच ही नहीं सकता है । इसलिए मैं अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहता हूँ ।

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